सऊदी अरब में जारी हज 2026 अपने सबसे अहम और रूहानी पड़ाव पर पहुंच गया है। मंगलवार को लाखों हाजी अराफात के मैदान में एकत्र हुए, जहां पूरे दिन इबादत, दुआ और तौबा का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान दुनिया भर से पहुंचे जायरीनों ने अमन, भाईचारे और इंसानियत की सलामती के लिए दुआ मांगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार इस वर्ष 15 लाख से अधिक विदेशी जायरीन सऊदी अरब पहुंचे हैं, जबकि कुल हाजियों की संख्या 17 लाख के पार बताई जा रही है। भारत से भी करीब 1 लाख 75 हजार हाजी इस साल हज यात्रा पर पहुंचे हैं। भीषण गर्मी के बीच हज के अहम अरकान अदा किए जा रहे हैं। मक्का और अराफात में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जिसके चलते सऊदी प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर ठंडे पानी, मेडिकल कैंप, शेड और हेल्थ सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जायरीन को लगातार पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है। सऊदी सरकार ने इस बार हज इंतजामों में आधुनिक तकनीक का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम, 5G नेटवर्क, स्मार्ट ट्रैकिंग और हजारों मेडिकल स्टाफ को हाजियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। भारत सरकार की ओर से भी भारतीय हाजियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। “हज सुविधा” ऐप के जरिए हाजी अपनी फ्लाइट, आवास, ट्रांसपोर्ट और लगेज की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। भारतीय दूतावास और हज मिशन की टीमें लगातार जायरीनों की मदद में जुटी हुई हैं। अराफात में वक्फ के बाद हाजी शाम को मुज़दलिफा रवाना होंगे, जहां रात बिताने के बाद बुधवार को जमरात में शैतान को कंकरी मारने की रस्म अदा की जाएगी। इसके साथ ही ईद-उल-अजहा का त्योहार भी मनाया जाएगा।











